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  • Writer's picturekuldeepanchal9

हिन्दू मानव की मानसिकता


हिन्दू अपने धर्म पर अडिग नहीं है अपने स्वार्थ के लिए अपने देवी देवता बदल देते हैं हिन्दू शास्त्र सबसे प्राचीन हैं लेकिन केवल अल्प हिन्दू ही उनके अनुसार पालन करते हैं शास्त्रों में लिखा है मनसा वाचा कर्मणा कि जैसा आत्मा में,मन में, वचन में वैसा ही कर्म में होना चाहिए लेकिन कोई भी पालन नही करता भागवत

गीता केवल उदाहरण के लिए ही हैं उसका पालन करने के लिए नहीं

*** डॉ पांचाल











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