top of page
Search
  • Writer's picturekuldeepanchal9

योग एवम् सहयोग

किसी भी संख्याओं के जोड़ को योग कहा जाता है अर्थात जोड़ को योग कहा गया है गीता में श्री कृष्णजी ने मन मस्तिष्क के जोड़ को योग कहा है कि मनुष्य को मन मस्तिष्क के जोड़ को ध्यान में रखते हुए योग करना चाहिए तथा मनुष्य को एक दूसरे के दुःख व् भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सहयोग करना चाहिए | योग स्वयं के लिए लाभदायक होता है लेकिन सहयोग सभी के लिए लाभदायक होता है |

*** डॉ पांचाल





63 views0 comments

Recent Posts

See All

धनी मनुष्यों के महंगे शौक

महंगे जूते वही खरीदते हैं जो चंद कदम ही पैदल चलते हैं महंगी घड़ियाँ वही खरीदते है जिनके पास समय देखने के लिये भी समय नहीं होता महंगी गाड़ियां भी वही खरीदते हैं खरीदने वाले से अधिक सवारी ड्राइवर के भाग्य

Comments


Post: Blog2_Post
bottom of page