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  • Writer's picturekuldeepanchal9

कर्मठ व् त्याग की मूर्ति भारतीय नारी

भारतीय स्त्रियां एक ट्रैन की तरह होती है

कभी सुपरफास्ट की तरह तेजी से गृह  कार्य व कर्म क्षेत्र में कार्य करती हैं

कर्म क्षेत्र में कार्य समाप्त करते हुए पटरी बदलकर पैसेंजर ट्रैन की हर कार्य को समाप्त करती हैं

ट्रैन की तरह जीवन भर पटरियों पर चलकर अपने कर्तव्यों व दायित्वों का निर्वाह करती हैं

जिस तरह पैसेंजर ट्रैन प्रत्येक स्टेशन पर रूकती है उसी प्रकार 

पैसेंजर ट्रैन की तरह घर में अपने वृद्ध सास ससुर , पति,संतान,रिश्तेदारों व् समाज के प्रति कर्तव्य पूर्ण करती है

*** डॉ पांचाल


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