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  • Writer's picturekuldeepanchal9

आंतरिक शांति

मानव कितनी भी धन सम्पदा एकत्र कर ले लेकिन मन मस्तिष्क में यदि आंतरिक शान्ति नहीं है तो सब व्यर्थ है

यह इस प्रकार है जैसे कि आप समुन्द्र या झील में स्नान कर रहे हैं प्यास से तड़प रहे हैं लेकिन पानी से अपनी प्यास की तृप्ति नहीं कर सकते

*** डॉ पाँचाल

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