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  • Writer's picturekuldeepanchal9

अपने व पराये में भिन्नता

इस व्यस्तम जीवन में कभी कभी रात्रि में दिखने वाले सपने भी अल्प समय के लिए सुखद अनुभूति प्रदान कर देते हैं

अब अपने भी सपने की तरह हो गए हैं जो वर्षों में यदा कदा सुखद अनुभूति देते हैं वहीं पराये तो किराये की तरह हैं

जो केवल स्वार्थ से ही वार्तालाप करते हैं

*** डॉ पांचाल



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